
आर एस एस क्या..?
1.आइए हम जानते है कि आर एस एस क्या है और ये देश के लिए जरूरी है या नहीं
2. आर एस एस देश में क्या कार्य करती है
3. आर एस एस इतनी ज्यादा चार्ज में क्यों है
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) देश का एक ऐसा संगठन है, जिसे लेकर अक्सर चर्चा बनी रहती है। चाहे राजनीति हो, सामाजिक कार्य हो या कोई राष्ट्रीय संकट, RSS का नाम हमेशा सामने आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि RSS क्या है, इसका पूरा नाम क्या है, इसकी स्थापना कब और किसने की थी, और आज के समय में यह क्या काम कर रहा है?
आज के इस आर्टिकल में हम RSS के इतिहास से लेकर वर्तमान तक की पूरी जानकारी विस्तार से,
आएगे हम जानते है इसकी स्थापना कब हुई, ओर किसने की…..
| पूरा नाम (Full Name) | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) |
| स्थापना (Foundation Date) | 27 सितंबर 1925 (विजयादशमी / दशहरा) |
| संस्थापक (Founder) | डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार |
| मुख्यालय (Headquarter) | रेशिमबाग, नागपुर, महाराष्ट्र |
| वर्तमान अध्यक्ष (Current Sarsanghchalak) | डॉ. मोहन भागवत |
| प्रतीक (Symbol) | भगवा ध्वज |
1. RSS Ka Pura Naam Kya Hai? आर एस एस का पूरा नाम क्या है… आइए जानते…
RSS का पूरा नाम “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ” (Rashtriya Swayamsevak Sangh) है।इसका मतलब होता है — एक ऐसा संगठन जो देश और समाज की सेवा के लिए स्वयं (अपनी इच्छा से) आगे आकर कार्य करे। RSS के सदस्यों को “स्वयंसेवक” कहा जाता है। यह संगठन किसी शासन या सरकारी फंड पर नहीं चलने वाला दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी (volunteer) संगठन माना जाता है।
2. हम आपको बताते है,RSS Ki Sthapna Kab Aur Kahan Hui? स्थापना कब और कहाँ हुई
RSS की स्थापना 27 सितंबर 1925 को विजयादशमी (दशहरा) के दिन हुई थी।इसकी शुरुआत महाराष्ट्र के नागपुर शहर में हुई थी। जब इसकी स्थापना हुई थी, तब भारत में अंग्रेजों का राज था। डॉ. हेडगेवार ने इस संगठन की शुरुआत एक छोटे से मैदान में कुछ युवाओं के साथ मिलकर की थी
3. क्या आप जानते है RSS Ke Sansthapak Kon The? (आरएसएस के संस्थापक कौन थे?)… आइए हम बताते है आपको,
RSS की स्थापना डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी।
डॉ बलिराम हेडगेवार ?
🔹 डॉ. हेडगेवार के बारे में जानकारी:जन्म: 1 अप्रैल 1889 को नागपुर में हुआ था।पेशा: वह एक चिकित्सक (Doctor) थे।आज़ादी की लड़ाई: संगठन बनाने से पहले डॉ. हेडगेवार कांग्रेस और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय थे।सोच: उनका मानना था कि जब तक देश के लोगों में राष्ट्रीय भावना, अनुशासन, और एकता नहीं होगी, तब तक देश आज़ाद होने के बाद भी सुरक्षित नहीं रह पाएगा। इसीलिए उन्होंने चरित्र निर्माण पर जोर देने के लिए RSS की स्थापना की।
4. हम आपको बताते है कि…RSS Ka Head Office Kahan Hai? (मुख्यालय कहाँ है?)
RSS का मुख्यालय (Headquarters) रेशिमबाग, नागपुर (महाराष्ट्र) में स्थित है।हर साल विजयादशमी के दिन RSS के नागपुर मुख्यालय से सरसंघचालक (अध्यक्ष) का वार्षिक भाषण होता है, जिसे पूरे देश में ध्यान से सुना जाता है। इस भाषण में देश के वर्तमान मुद्दों और भविष्य की दिशा पर चर्चा की जाती है।
5. हम आपको बताते है कि Aaj RSS Ke Adhyaksh Kon Hain? (वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?)
आज के समय में RSS के प्रमुख (जिन्हें सरसंघचालक कहा जाता है) डॉ. मोहन भागवत हैं।🔹 सरसंघचालक की परंपरा:RSS में सबसे बड़ा पद सरसंघचालक का होता है। मोहन भागवत जी RSS के छठे (6th) सरसंघचालक हैं। उन्होंने 21 मार्च 2009 को यह पदभार संभाला था। उनसे पहले के. एस. सुदर्शन जी इस पद पर थे।
6. RSS Abhi Kya-Kya Kaam Karta Hai? (आरएसएस क्या-क्या काम करता है?)
RSS के काम करने का तरीका बहुत अलग है। यह सीधे राजनीति में भाग नहीं लेता, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करता है:⚡
1. दैनिक शाखा (Daily Shakha):RSS की सबसे बड़ी ताकत इसकी “शाखा” है। हर दिन सुबह या शाम को मैदान में 1 घंटे की शाखा लगती है। इसमें:शारीरिक व्यायाम और खेलयोग और प्राणायामदेशभक्ति गीत और विचार-चर्चाअनुशासन (Discipline) सिखाया जाता है।
RSS के काम करने का तरीका बहुत अलग है। यह सीधे राजनीति में भाग नहीं लेता, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करता है:
⚡ 1. दैनिक शाखा (Daily Shakha):
RSS की सबसे बड़ी ताकत इसकी “शाखा” है। हर दिन सुबह या शाम को मैदान में 1 घंटे की शाखा लगती है। इसमें:
- शारीरिक व्यायाम और खेल
- योग और प्राणायाम
- देशभक्ति गीत और विचार-चर्चा
- अनुशासन (Discipline) सिखाया जाता है।
RSS के काम करने का तरीका बहुत अलग है। यह सीधे राजनीति में भाग नहीं लेता, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करता है:
⚡ 1. दैनिक शाखा (Daily Shakha):
RSS की सबसे बड़ी ताकत इसकी “शाखा” है। हर दिन सुबह या शाम को मैदान में 1 घंटे की शाखा लगती है। इसमें:
- शारीरिक व्यायाम और खेल
- योग और प्राणायाम
- देशभक्ति गीत और विचार-चर्चा
- अनुशासन (Discipline) सिखाया जाता है।
⚡ 3. फिलहाल में आर एस एस से कौन से संगठन जुड़े हैं अनुषांगिक संगठन (Affiliated Wings):
RSS के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने के लिए कई संगठन बने हैं:अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP): छात्रों के लिए।भारतीय मजदूर संघ (BMS): मजदूरों के लिए।विश्व हिंदू परिषद (VHP): धार्मिक व सांस्कृतिक कार्य।विद्या भारती: शिक्षा के क्षेत्र में।
7. हमारे भारत Desh Me RSS Ka Kya Yogdan Rha Hai (देश में आरएसएस का योगदान)
स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक RSS का देश में बहुत बड़ा योगदान रहा है:🔹
1. स्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी:1930 के ‘जंगल सत्याग्रह’ और 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में RSS के स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। डॉ. हेडगेवार समेत कई नेता जेल भी गए थे।🔹
2. 1947 विभाजन के वक्त मदद:जब 1947 में भारत और पाकिस्तान का विभाजन हुआ, तब पाकिस्तान से आने वाले लाखों हिंदू और सिख शरणार्थियों को रिफ्यूजी कैंप, खाना और सुरक्षा देने में RSS ने रात-दिन काम किया।🔹
3. युद्ध के समय सेना की मदद:1962 (भारत-चीन युद्ध): RSS के स्वयंसेवकों ने ट्रैफिक कंट्रोल और सेना को रसद (Supplies) पहुँचाने में मदद की। इस काम से प्रभावित होकर पीएम जवाहरलाल नेहरू ने 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में RSS को आमंत्रित किया था।1965 और 1971 के युद्ध: सेना के साथ मिलकर रक्तदान और घायल जवानों की सेवा की।🔹
4. आपातकाल (Emergency 1975) में लोकतंत्र की रक्षा:जब 1975 में आपातकाल (Emergency) लगा था, तब RSS ने लोकतंत्र की बहाली के लिए सबसे बड़ा आंदोलन चलाया था, जिसके लिए हजारों स्वयंसेवकों को जेल जाना पड़ा था।